Thursday, December 6, 2007

Aakhri baar (आखिरी बार)

पहला प्यार
एक बार - सौ बातें
हजार शर्तें लेकर आता है
आदमी बेबस हो जाता है

मैंने
तुम्हे प्यार किया
बंद दरवाजों से चौराहे तक
तुम मुझे ले आयी

प्यार परवान चढ़ता तब
जब सौ बातें
हजार शर्तें होती

हम चुप ही रहे
हमने प्यार किया
प्यार की तरह
तुम मेरी सांसों मे जीती रही
मैं तुम्हारी आंखों मे बसता रहा

दूसरी बार
तुम मेरी अंगुलियां पकड़े थी
मै तुम्हारे होंठों से चिपका रहा

तीसरी बार
तुम मेरे रोम रोम मे समा गयी
मैं तुम्हारी देह में घुलता रहा

इस तरह
प्यार हम दोनों के बीच सीमित
रहकर फैलता रहा

इस बार
तुमने मुझे कोख दी
मैं तुम्हारी नस नस चूसता रहा

आखिरी बार
इस तरह प्यार किया
सौंप दिया सब कुछ

तुमने मुझे
एक बार फिर
प्यार करने की इजाजत दी
खुद को मिटा दिया
मेरे लिये

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